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धनतेरस 2026: पूजा व खरीदारी मुहूर्त, यम दीपदान

धनतेरस 2026: पूजा व खरीदारी मुहूर्त, यम दीपदान

धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को है। जानें पूजा मुहूर्त (दिल्ली 6:02–7:57 PM, उदयपुर 6:23–8:20 PM), त्रयोदशी समय, खरीदारी, यम दीपदान और पूजा विधि।

धनतेरस 2026 कब है? इस वर्ष धनतेरस यानी धनत्रयोदशी शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में धनतेरस पूजा मुहूर्त शाम 06:02 से 07:57 बजे तक (1 घंटा 56 मिनट) है, और उदयपुर में यह शाम 06:23 से 08:20 बजे तक रहेगा। धनतेरस से ही पाँच दिन के दीपोत्सव की शुरुआत होती है। इस दिन माँ लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है, और शाम को यमराज के नाम का दीपक जलाया जाता है। इस लेख में जानें धनतेरस 2026 की तिथि, शहरवार पूजा मुहूर्त, खरीदारी के लिए शुभ समय कैसे चुनें, यम दीपदान की विधि और क्या खरीदना शुभ माना जाता है।


धनतेरस 2026 तिथि और त्रयोदशी का समय

धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। पूजा उस शाम होती है जब प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि रहे। 2026 में त्रयोदशी 6 नवंबर की सुबह शुरू होकर 7 नवंबर की सुबह तक रहेगी, इसलिए धनतेरस पूजा और यम दीपदान दोनों 6 नवंबर की शाम को ही होंगे।


  • धनतेरस / धनत्रयोदशी: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर 2026, सुबह 10:30 बजे
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर 2026, सुबह 10:47 बजे
  • यम दीपम: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

धनतेरस पूजा मुहूर्त 2026 (प्रदोष काल व वृषभ लग्न)

द्रिक पंचांग के अनुसार धनतेरस पूजा का सबसे अच्छा समय वह है जब सूर्यास्त के बाद का प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न एक साथ हों। मान्यता है कि स्थिर लग्न में की गई पूजा से लक्ष्मी घर में स्थिर रहती हैं। इसी वजह से द्रिक पंचांग धनतेरस पूजा के लिए चौघड़िया के बजाय प्रदोष काल और वृषभ लग्न वाले समय को चुनने की सलाह देता है।

नई दिल्ली

  • पूजा मुहूर्त: शाम 06:02 से 07:57 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 05:33 से 08:09 बजे तक
  • वृषभ काल: शाम 06:02 से 07:57 बजे तक

उदयपुर (राजस्थान)

  • पूजा मुहूर्त: शाम 06:23 से 08:20 बजे तक (1 घंटा 58 मिनट)
  • प्रदोष काल: शाम 05:52 से 08:27 बजे तक
  • वृषभ काल: शाम 06:23 से 08:20 बजे तक

अपने शहर का धनतेरस पूजा मुहूर्त

मुहूर्त सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए हर शहर में समय थोड़ा अलग होता है। द्रिक पंचांग के अनुसार 6 नवंबर 2026 के प्रमुख शहरों के मुहूर्त (स्थानीय समय):


  • जयपुर: शाम 06:11 से 08:07 बजे तक
  • मुंबई: शाम 06:35 से 08:35 बजे तक
  • अहमदाबाद: शाम 06:30 से 08:28 बजे तक
  • पुणे: शाम 06:32 से 08:31 बजे तक
  • बेंगलुरु: शाम 06:25 से 08:20 बजे तक
  • हैदराबाद: शाम 06:15 से 08:13 बजे तक
  • चेन्नई: शाम 06:14 से 08:10 बजे तक
  • कोलकाता: शाम 05:28 से 07:26 बजे तक
  • चंडीगढ़: शाम 06:00 से 07:54 बजे तक
  • गुरुग्राम: शाम 06:03 से 07:59 बजे तक
  • नोएडा: शाम 06:01 से 07:57 बजे तक

अपने शहर का रोज़ का पंचांग, राहुकाल और चौघड़िया देखने के लिए तिथि गुरु ऐप डाउनलोड करें।


धनतेरस पर खरीदारी का शुभ समय कैसे चुनें

धनतेरस पर सोना, चाँदी, बर्तन और नई चीज़ें खरीदने की परंपरा है। त्रयोदशी 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे से शुरू हो रही है, इसलिए परंपरा के अनुसार खरीदारी इसके बाद करना अच्छा माना जाता है। दिन में खरीदारी के लिए लोग अक्सर शुभ, लाभ और अमृत चौघड़िया देखते हैं; अपने शहर का सटीक चौघड़िया उसी दिन तिथि गुरु ऐप में देखें। राहुकाल में नई खरीदारी टालने की सलाह दी जाती है।

धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ है

  • पीतल, ताँबे या स्टील के बर्तन: भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे, इसलिए बर्तन खरीदना सबसे प्रचलित परंपरा है।
  • सोना-चाँदी या सिक्के: लक्ष्मी-गणेश अंकित चाँदी का सिक्का दिवाली पूजा में भी रखा जाता है।
  • झाड़ू: लोक मान्यता में नई झाड़ू दरिद्रता दूर करने का प्रतीक है।
  • धनिया के बीज और गोमती चक्र: पूजा में रखकर बाद में तिजोरी या गमले में रखे जाते हैं।
  • दीपक, पूजा थाली और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति: दिवाली पूजा की तैयारी के लिए।

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धनतेरस पूजा विधि (सरल)

  1. शाम से पहले घर और मुख्य द्वार साफ करें, रंगोली बनाएँ और तोरण लगाएँ।
  2. उत्तर या पूर्व दिशा में चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएँ और लक्ष्मी, गणेश, कुबेर व भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा या चित्र रखें।
  3. प्रदोष काल के मुहूर्त में दीपक जलाएँ, गणेश जी का ध्यान करें और संकल्प लें।
  4. रोली, अक्षत, फूल, धूप, नैवेद्य अर्पित करें। खरीदे गए बर्तन, सिक्के या आभूषण भी पूजा में रखें।
  5. कुबेर मंत्र "ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा" और धन्वंतरि मंत्र "ॐ धन्वन्तरये नमः" का जाप करें।
  6. अंत में आरती करें और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य व समृद्धि की प्रार्थना करें।

यम दीपदान 2026: विधि और महत्व

धनतेरस की शाम को यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा को यम दीपदान कहते हैं। माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। 2026 में यम दीपम 6 नवंबर को है।

यम दीपदान कैसे करें

  • आटे या मिट्टी का चौमुखा दीपक लें और उसमें सरसों का तेल डालें।
  • सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीपक रखें।
  • यमराज को प्रणाम करें और परिवार की लंबी आयु की प्रार्थना करें।
  • दीपक रखने के बाद परंपरा अनुसार उसे पीछे मुड़कर नहीं देखा जाता।

धनतेरस और धन्वंतरि जयंती का महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के समय कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे और इसी दिन माँ लक्ष्मी के प्रकट होने की कथा भी जुड़ी है। इसलिए यह दिन धन और आरोग्य दोनों का पर्व है। भारत में धन्वंतरि जयंती को आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। ध्यान रहे कि मुख्य लक्ष्मी पूजन दो दिन बाद अमावस्या को होता है; उसका मुहूर्त हमारे लेख दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजन मुहूर्त में पढ़ें। कार्तिक मास के नियम और दीपदान के बारे में कार्तिक मास 2026 लेख देखें।

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धनतेरस 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

धनतेरस 2026 कब है?

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है।

धनतेरस 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में शाम 06:02 से 07:57 बजे तक और उदयपुर में शाम 06:23 से 08:20 बजे तक।

त्रयोदशी तिथि कब से कब तक है?

त्रयोदशी 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे से 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे तक है।

यम दीपदान किस दिन करें?

यम दीपम भी 6 नवंबर 2026 की शाम को, सूर्यास्त के बाद, घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में दीपक रखकर किया जाता है।

धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?

बर्तन, सोना-चाँदी, सिक्के, झाड़ू, धनिया के बीज, दीपक और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदना शुभ माना जाता है।


English Summary

Dhanteras 2026 (Dhantrayodashi) falls on Friday, 6 November 2026. Per Drik Panchang, the Dhanteras puja muhurat in New Delhi is 06:02 PM to 07:57 PM (Pradosh Kaal 05:33 PM to 08:09 PM, Vrishabha Kaal 06:02 PM to 07:57 PM), and in Udaipur it is 06:23 PM to 08:20 PM. Trayodashi tithi runs from 10:30 AM on 6 Nov to 10:47 AM on 7 Nov, and Yama Deepam is also on 6 Nov. Lord Dhanvantari, Goddess Lakshmi and Kuber are worshipped, and buying utensils, gold or silver is considered auspicious. Check your city's daily panchang and choghadiya in the Tithi Guru app.

स्रोत: द्रिक पंचांग – धनतेरस पूजा 2026 (नई दिल्ली) और उदयपुर (21 अक्टूबर 2026 को सत्यापित)।

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