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भाई दूज 2026: तिलक मुहूर्त, विधि व यम द्वितीया कथा

भाई दूज 2026: तिलक मुहूर्त, विधि व यम द्वितीया कथा

भाई दूज (यम द्वितीया) 2026 बुधवार, 11 नवंबर को है। दिल्ली में तिलक मुहूर्त 1:10–3:20 PM, उदयपुर में 1:25–3:38 PM। जानें तिलक विधि और कथा।

भाई दूज 2026 कब है? द्रिक पंचांग के अनुसार भाई दूज (यम द्वितीया) बुधवार, 11 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। नई दिल्ली में भाई दूज तिलक का अपराह्न मुहूर्त दोपहर 01:10 से 03:20 बजे तक (2 घंटे 10 मिनट) है, जबकि उदयपुर में यह मुहूर्त दोपहर 01:25 से 03:38 बजे तक रहेगा। दीपोत्सव का यह पाँचवाँ और अंतिम दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम का उत्सव है। इस लेख में जानें भाई दूज 2026 की तिथि, द्वितीया तिथि का समय, शहरवार तिलक मुहूर्त, पूजा की थाली, तिलक विधि, यमराज और यमुना जी की कथा तथा जरूरी नियम।


भाई दूज 2026 तिथि और द्वितीया तिथि का समय

भाई दूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। इसे यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया, भाऊ बीज और भाई फोटा जैसे नामों से भी जाना जाता है। 2026 में दिवाली 8 नवंबर को और गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को है, इसलिए भाई दूज 11 नवंबर को पड़ रही है।


  • भाई दूज / यम द्वितीया: बुधवार, 11 नवंबर 2026
  • द्वितीया तिथि प्रारंभ: 10 नवंबर 2026, दोपहर 02:00 बजे
  • द्वितीया तिथि समाप्त: 11 नवंबर 2026, दोपहर 03:53 बजे

भाई दूज 2026 तिलक मुहूर्त (शहरवार)

शास्त्रों में भाई दूज का तिलक अपराह्न काल (दोपहर बाद का समय) में करना श्रेष्ठ माना गया है। द्रिक पंचांग के अनुसार 2026 के प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं:

नई दिल्ली

अपराह्न तिलक मुहूर्त: दोपहर 01:10 से 03:20 बजे तक (अवधि 2 घंटे 10 मिनट)।

उदयपुर (राजस्थान)

अपराह्न तिलक मुहूर्त: दोपहर 01:25 से 03:38 बजे तक (अवधि 2 घंटे 12 मिनट)।

ध्यान दें कि द्वितीया तिथि 11 नवंबर को दोपहर 03:53 बजे समाप्त हो रही है, इसलिए तिलक की रस्म उससे पहले, मुहूर्त के भीतर पूरी कर लेना सबसे अच्छा है। अपने शहर का सटीक समय तिथि गुरु ऐप में देखें।


भाई दूज का महत्व

भाई दूज भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं, और भाई बहन को उपहार देकर उसकी रक्षा का वचन देते हैं। रक्षाबंधन में जहाँ बहन भाई के घर जाती है, वहीं भाई दूज पर परंपरा से भाई बहन के घर जाकर भोजन करता है। मान्यता है कि जो भाई इस दिन बहन के हाथ का बना भोजन करता है और उससे तिलक करवाता है, उसे यमराज का भय नहीं रहता। कई स्थानों पर इस दिन यमुना स्नान का भी विशेष महत्व बताया गया है।


भाई दूज की कथा: यमराज और यमुना जी

पौराणिक कथा के अनुसार सूर्यदेव की संतान यमराज और यमुना जी भाई-बहन थे। यमुना जी अपने भाई से बहुत स्नेह करती थीं और बार-बार उन्हें अपने घर भोजन के लिए बुलाती थीं, पर यमराज अपने कार्य में व्यस्त रहने के कारण नहीं जा पाते थे। एक बार कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन यमराज अचानक बहन के घर पहुँच गए। यमुना जी ने प्रसन्न होकर भाई का तिलक किया, आरती उतारी और प्रेम से भोजन कराया।

बहन के आदर-सत्कार से प्रसन्न होकर यमराज ने वर माँगने को कहा। यमुना जी ने वर माँगा कि हर वर्ष इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाए और भोजन करे, उसे अकाल मृत्यु और यम का भय न हो। यमराज ने "तथास्तु" कहा। तभी से इस दिन को यम द्वितीया और भाई दूज के रूप में मनाने की परंपरा चली आ रही है।


भाई दूज पूजा की थाली में क्या रखें

  • रोली या कुमकुम, अक्षत (साबुत चावल) और हल्दी
  • घी का दीपक, कपूर और धूप
  • कलावा (मौली), सुपारी और पान का पत्ता
  • मिठाई, सूखा नारियल (गोला) और फल
  • फूल, विशेषकर गेंदे के फूल और एक छोटा जल का कलश

पूजा की थाली, दीये, कलावा, रोली और अन्य पूजन सामग्री आप तिथि गुरु स्टोर से घर बैठे मंगवा सकते हैं।


भाई दूज तिलक विधि (स्टेप बाय स्टेप)

1. प्रातः तैयारी

बहन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहने, घर के मंदिर में दीपक जलाए और भगवान गणेश तथा यमराज-यमुना जी का स्मरण करे। कई परिवारों में बहनें तिलक होने तक व्रत भी रखती हैं।

2. चौक और आसन

आटे या चावल के घोल से चौक बनाएं और उस पर भाई के बैठने के लिए आसन बिछाएं। भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है।

3. तिलक और कलावा

शुभ मुहूर्त में भाई के माथे पर रोली का तिलक लगाएं, उस पर अक्षत लगाएं और दाहिनी कलाई पर कलावा बांधें। भाई के हाथ में पान, सुपारी, गोला और फूल रखें।

4. आरती और मिठाई

दीपक से भाई की आरती उतारें, मिठाई खिलाएं और उसकी लंबी आयु व उन्नति की प्रार्थना करें। इसके बाद भाई बहन के चरण स्पर्श या आशीर्वाद लेकर उसे उपहार दे।

5. भोजन

परंपरा के अनुसार भाई इस दिन बहन के घर उसके हाथ का बना भोजन करता है। यदि बहन दूर हो तो वीडियो कॉल पर तिलक की रस्म निभाकर भी इस भाव को जीवित रखा जा सकता है।


भाई दूज पर बोले जाने वाले मंत्र

तिलक करते समय बहनें यह पारंपरिक भाव दोहराती हैं: "गंगा पूजे यमुना को, यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजे कृष्ण को, गंगा-यमुना नीर बहे, मेरे भाई की आयु बढ़े।" इसके साथ "ॐ यमाय नमः" का जाप भी शुभ माना जाता है।


भाई दूज पर क्या करें और क्या न करें

  • करें: तिलक अपराह्न मुहूर्त में करें, भाई-बहन एक-दूसरे को सम्मान और प्रेम से उपहार दें, जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
  • न करें: इस दिन भाई-बहन के बीच कटु वचन या विवाद से बचें, तामसिक भोजन न करें और तिलक से पहले भाई कुछ अशुभ कार्य शुरू न करे।

दीपोत्सव 2026 को और खास बनाएं

भाई दूज के साथ ही पाँच दिनों का दीपोत्सव पूरा होता है। इस पावन माहौल में पूरा परिवार साथ बैठकर पौराणिक धारावाहिक और भक्ति फिल्में मुफ्त देखें TithiguruTv+ पर। रोज़ का पंचांग, चौघड़िया और राहुकाल देखने के लिए तिथि गुरु ऐप डाउनलोड करें, अपना राशिफल यहाँ पढ़ें और गोवर्धन पूजा 2026 तथा दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजन मुहूर्त जैसे लेख तिथि गुरु ब्लॉग पर देखें।


भाई दूज 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भाई दूज 2026 कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार भाई दूज बुधवार, 11 नवंबर 2026 को है।

भाई दूज 2026 का तिलक मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली में अपराह्न मुहूर्त दोपहर 01:10 से 03:20 बजे तक है। उदयपुर में यह दोपहर 01:25 से 03:38 बजे तक है।

द्वितीया तिथि कब से कब तक है?

द्वितीया तिथि 10 नवंबर को दोपहर 02:00 बजे शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर 03:53 बजे समाप्त होगी।

भाई दूज को यम द्वितीया क्यों कहते हैं?

क्योंकि इसी दिन यमराज अपनी बहन यमुना जी के घर गए थे और उन्हें वर दिया था कि इस दिन बहन से तिलक करवाने वाले भाई को यम का भय नहीं होगा।

अगर बहन दूर हो तो भाई दूज कैसे मनाएं?

बहन मुहूर्त में भाई के नाम से दीपक जलाकर प्रार्थना कर सकती है और वीडियो कॉल पर तिलक की रस्म निभा सकती है; भाई उपहार भेजकर स्नेह जता सकता है।


English Summary

Bhai Dooj 2026 (Yama Dwitiya) falls on Wednesday, 11 November 2026, per Drik Panchang. The Aparahna tilak muhurat is 01:10 PM to 03:20 PM in New Delhi and 01:25 PM to 03:38 PM in Udaipur. Dwitiya Tithi runs from 02:00 PM on 10 Nov to 03:53 PM on 11 Nov. Sisters apply roli-akshat tilak, tie kalava, perform aarti and feed their brothers, remembering the story of Yamraj visiting his sister Yamuna. Check your city's timing in the Tithi Guru app, shop puja thali items at the Tithiguru store and watch devotional serials free on TithiguruTv+.

स्रोत: द्रिक पंचांग – भाई दूज 2026 (नई दिल्ली) और उदयपुर (24 अक्टूबर 2026 को सत्यापित)।

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