नरक चतुर्दशी 2026: अभ्यंग स्नान मुहूर्त व विधि
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 2026 रविवार, 8 नवंबर को है। अभ्यंग स्नान मुहूर्त दिल्ली 5:41–6:38 AM, उदयपुर 5:49–6:46 AM। जानें विधि, कथा व काली चौदस।
नरक चतुर्दशी 2026 कब है? इस वर्ष नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली और रूप चौदस भी कहते हैं, रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में अभ्यंग स्नान मुहूर्त सुबह 05:41 से 06:38 बजे तक (57 मिनट) है, और उदयपुर में यह सुबह 05:49 से 06:46 बजे तक रहेगा। खास बात यह है कि 2026 में नरक चतुर्दशी और दिवाली का लक्ष्मी पूजन एक ही दिन पड़ रहे हैं, यानी 8 नवंबर की सुबह अभ्यंग स्नान होगा और उसी शाम लक्ष्मी पूजन। इस लेख में जानें चतुर्दशी तिथि का समय, शहरवार स्नान मुहूर्त, उबटन और स्नान की विधि, दीपदान, काली चौदस और इस पर्व की पौराणिक कथा।
नरक चतुर्दशी 2026 तिथि और चतुर्दशी का समय
नरक चतुर्दशी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार अभ्यंग स्नान उस सुबह किया जाता है जब चंद्रोदय से सूर्योदय के बीच चतुर्दशी तिथि रहे। 2026 में चतुर्दशी 7 नवंबर की सुबह शुरू होकर 8 नवंबर की सुबह तक रहेगी, इसलिए स्नान 8 नवंबर की भोर में होगा।
- नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली: रविवार, 8 नवंबर 2026
- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 7 नवंबर 2026, सुबह 10:47 बजे
- चतुर्दशी तिथि समाप्त: 8 नवंबर 2026, सुबह 11:27 बजे
- काली चौदस और दीपावली हनुमान पूजा: शनिवार, 7 नवंबर 2026
- लक्ष्मी पूजन (दिवाली): रविवार, 8 नवंबर 2026 की शाम
अभ्यंग स्नान मुहूर्त 2026 (शहरवार)
द्रिक पंचांग अभ्यंग स्नान का समय चंद्रोदय से सूर्योदय तक, चतुर्दशी रहते हुए, देता है। इसलिए हर शहर में यह समय थोड़ा अलग होता है:
- नई दिल्ली: सुबह 05:41 से 06:38 बजे तक (चंद्रोदय 05:41)
- उदयपुर: सुबह 05:49 से 06:46 बजे तक (चंद्रोदय 05:49)
- पुणे: सुबह 05:36 से 06:37 बजे तक
- बेंगलुरु: सुबह 05:13 से 06:15 बजे तक
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अभ्यंग स्नान विधि: उबटन और तिल तेल
नरक चतुर्दशी का सबसे महत्वपूर्ण कर्म सूर्योदय से पहले का अभ्यंग स्नान है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक स्नान करने वाला नरक के भय से मुक्त होता है और उसे रूप व सौंदर्य का आशीर्वाद मिलता है, इसीलिए इसे रूप चौदस भी कहते हैं।
स्नान कैसे करें
- भोर में, मुहूर्त शुरू होने से पहले उठें और मन में भगवान श्रीकृष्ण व यमराज का स्मरण करें।
- पूरे शरीर पर तिल के तेल से मालिश करें। द्रिक पंचांग भी इस स्नान में तिल तेल के उपयोग का उल्लेख करता है।
- इसके बाद बेसन, हल्दी, चंदन और थोड़े दूध या गुलाब जल से बना उबटन लगाएँ।
- स्नान के समय कई घरों में अपामार्ग (चिरचिटा) की टहनी को सिर के ऊपर से घुमाने की लोक परंपरा है।
- स्नान के बाद साफ़ या नए वस्त्र पहनें, सूर्य देव को जल अर्पित करें और परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लें।
स्नान के बाद यम तर्पण
कई परिवारों में स्नान के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के नामों का स्मरण कर जल अर्पित किया जाता है, ताकि परिवार की लंबी आयु और अकाल मृत्यु के भय से रक्षा हो। अपने कुल की परंपरा के अनुसार इसे करें।
नरक चतुर्दशी की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार नरकासुर नाम के असुर ने देवताओं और ऋषियों को बहुत कष्ट दिया था और हज़ारों कन्याओं को बंदी बना लिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने सत्यभामा के साथ मिलकर कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को नरकासुर का वध किया और सभी कन्याओं को मुक्त कराया। उस विजय की खुशी में लोगों ने दीप जलाए, और तभी से यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। दक्षिण भारत में इसी दिन को मुख्य दीपावली (तमिल दीपावली) के रूप में मनाया जाता है।
छोटी दिवाली पर दीपदान और पूजा
नरक चतुर्दशी की शाम घर के कोनों, आँगन, मुख्य द्वार और तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा है। 2026 में यह शाम दिवाली के लक्ष्मी पूजन की भी शाम है, इसलिए एक ही दिन सुबह स्नान और शाम को लक्ष्मी पूजन व दीपोत्सव होगा। लक्ष्मी पूजन का शहरवार मुहूर्त हमारे लेख दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजन मुहूर्त में पढ़ें।
यम दीपदान कब करें
यमराज के नाम का चौमुखा दीपक (यम दीपम) 2026 में धनतेरस की शाम, 6 नवंबर को है। इसकी विधि धनतेरस 2026 और यम दीपदान लेख में दी गई है।
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काली चौदस और हनुमान पूजा 2026
गुजरात और पश्चिम भारत में चतुर्दशी की रात काली चौदस (भूत चतुर्दशी) मनाई जाती है, जिसे नरक चतुर्दशी से अलग माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार 2026 में काली चौदस शनिवार, 7 नवंबर को है और नई दिल्ली में इसका मुहूर्त रात 11:39 से 12:31 बजे (8 नवंबर) तक है। इसी मुहूर्त में कई क्षेत्रों में दीपावली हनुमान पूजा भी की जाती है।
नरक चतुर्दशी पर क्या करें, क्या न करें
- सूर्योदय के बाद देर तक न सोएँ; स्नान मुहूर्त में ही करने का प्रयास करें।
- घर की पूरी सफ़ाई करें और पुराना, टूटा सामान बाहर करें, ताकि लक्ष्मी पूजन से पहले घर स्वच्छ रहे।
- शाम को घर के हर कोने में दीपक जलाएँ।
- इस दिन क्रोध, कलह और किसी का अपमान करने से बचें।
- सामर्थ्य अनुसार दान करें, विशेषकर दीपक, तेल और अन्न।
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नरक चतुर्दशी 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
नरक चतुर्दशी 2026 कब है?
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) रविवार, 8 नवंबर 2026 को है।
अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त क्या है?
द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में सुबह 05:41 से 06:38 बजे तक और उदयपुर में सुबह 05:49 से 06:46 बजे तक।
क्या 2026 में छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली एक ही दिन है?
हाँ। चतुर्दशी 8 नवंबर को सूर्योदय के समय रहेगी और उसी शाम अमावस्या रहेगी, इसलिए अभ्यंग स्नान और लक्ष्मी पूजन दोनों 8 नवंबर को होंगे।
काली चौदस 2026 कब है?
काली चौदस शनिवार, 7 नवंबर 2026 को है; नई दिल्ली में मुहूर्त रात 11:39 से 12:31 बजे (8 नवंबर) तक है।
नरक चतुर्दशी को रूप चौदस क्यों कहते हैं?
इस दिन तिल तेल और उबटन से स्नान कर रूप और स्वास्थ्य की कामना की जाती है, इसलिए इसे रूप चौदस भी कहते हैं।
English Summary
Narak Chaturdashi 2026 (Choti Diwali, Roop Chaudas) falls on Sunday, 8 November 2026, the same day as Diwali Lakshmi Puja. Per Drik Panchang, the Abhyang Snan muhurat in New Delhi is 05:41 AM to 06:38 AM and in Udaipur 05:49 AM to 06:46 AM. Chaturdashi tithi runs from 10:47 AM on 7 Nov to 11:27 AM on 8 Nov. Kali Chaudas and Diwali Hanuman Puja are on 7 Nov (New Delhi muhurat 11:39 PM to 12:31 AM). Take an oil bath with sesame oil and ubtan before sunrise, light diyas in the evening, and check your city's panchang in the Tithi Guru app.
स्रोत: द्रिक पंचांग – अभ्यंग स्नान 2026 (नई दिल्ली), उदयपुर और काली चौदस 2026 (22 अक्टूबर 2026 को सत्यापित)।