राहुकाल आज: समय, क्या करें और क्या न करें
राहुकाल आज कब है? वार के अनुसार समय निकालने का तरीका, क्या करें-क्या न करें और FAQ।
राहुकाल आज कब है, यह जानना हर उस व्यक्ति के लिए उपयोगी है जो कोई नया काम, यात्रा, खरीदारी या पूजा शुभ समय में शुरू करना चाहता है। वैदिक ज्योतिष में राहुकाल को दिन का वह लगभग डेढ़ घंटे का हिस्सा माना जाता है जिस पर छाया ग्रह राहु का प्रभाव रहता है, और परंपरा के अनुसार इस समय में शुभ कार्यों की शुरुआत टाली जाती है। इस लेख में आप जानेंगे कि राहुकाल क्या है, आज का राहुकाल कैसे निकालें, किस वार को राहुकाल कब पड़ता है, और इस समय में क्या करें व क्या न करें। अपने शहर का सटीक समय द्रिक पंचांग या Tithiguru ऐप पर रोज़ देखें।
राहुकाल क्या है?
पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के बाद स्वर्भानु नाम के असुर ने छल से अमृत पी लिया था। भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका सिर अलग कर दिया, पर अमृत के कारण वह अमर हो गया; सिर राहु और धड़ केतु कहलाया। ज्योतिष में राहु को भ्रम, बाधा और अचानक बदलाव का कारक माना जाता है। दिन के आठ हिस्सों में से एक हिस्सा राहु का माना गया, जिसे राहुकाल या राहु कालम् कहते हैं। दक्षिण भारत में इसका पालन बहुत गंभीरता से होता है, और अब उत्तर भारत में भी लोग मुहूर्त देखते समय इसका ध्यान रखते हैं।
आज का राहुकाल कैसे निकालें?
राहुकाल कोई तय घड़ी का समय नहीं है। यह हर दिन के सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए शहर और मौसम के साथ बदलता है। तरीका आसान है:
- अपने शहर का आज का सूर्योदय और सूर्यास्त समय देखें।
- दोनों के बीच के कुल दिनमान (दिन की अवधि) को 8 बराबर भागों में बाँटें।
- नीचे दी गई तालिका के अनुसार उस वार का भाग राहुकाल होगा।
उदाहरण के लिए, यदि सूर्योदय 6:00 और सूर्यास्त 18:00 हो तो दिनमान 12 घंटे है और हर भाग 1 घंटा 30 मिनट का होगा। सोमवार को दूसरा भाग, यानी लगभग 7:30 से 9:00, राहुकाल होगा। (यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है; असली समय रोज़ पंचांग में देखें।)
वार के अनुसार राहुकाल का भाग
रविवार: 8वां भाग, शाम 4:30 – 6:00
सोमवार: 2रा भाग, सुबह 7:30 – 9:00
मंगलवार: 7वां भाग, दोपहर 3:00 – 4:30
बुधवार: 5वां भाग, दोपहर 12:00 – 1:30
गुरुवार: 6ठा भाग, दोपहर 1:30 – 3:00
शुक्रवार: 4था भाग, सुबह 10:30 – 12:00
शनिवार: 3रा भाग, सुबह 9:00 – 10:30
*यह अनुमान 6 बजे सूर्योदय और 6 बजे सूर्यास्त मानकर है। सर्दियों में (जैसे नवंबर-दिसंबर में उदयपुर या दिल्ली) दिन छोटा होने से हर भाग डेढ़ घंटे से कम होता है, और समय आगे-पीछे खिसकता है। इसे याद रखने का लोकप्रिय वाक्य है: "मदर सॉ फादर वियरिंग द टर्बन सनडे" (Mon, Sat, Fri, Wed, Thu, Tue, Sun क्रम से 2 से 8वां भाग)।
राहुकाल में क्या न करें
- नया व्यापार, दुकान या ऑफिस की शुरुआत।
- गृह प्रवेश, सगाई, विवाह जैसी रस्मों का आरंभ। शादी की शुभ तारीखों के लिए हमारी विवाह मुहूर्त 2027 लिस्ट देखें।
- सोना, वाहन, संपत्ति या कोई बड़ी खरीदारी।
- महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत, इंटरव्यू या अनुबंध पर हस्ताक्षर।
- नई पूजा या अनुष्ठान का संकल्प।
ध्यान दें: नियम कार्य की शुरुआत पर लागू होता है। जो काम पहले से चल रहा है, उसे राहुकाल आने पर बीच में रोकने की ज़रूरत नहीं मानी जाती।
राहुकाल में क्या करें
- राहु शांति के लिए "ॐ रां राहवे नमः" मंत्र का जप।
- दुर्गा सप्तशती, हनुमान चालीसा या भैरव उपासना; कई स्थानों पर राहुकाल में देवी दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
- दैनिक नित्य कर्म, पढ़ाई, नियमित ऑफिस काम और सेवा कार्य सामान्य रूप से जारी रखें।
- दान, विशेषकर काले तिल, नारियल या कंबल का दान।
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राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में अंतर
पंचांग में राहुकाल के साथ यमगंड और गुलिक काल भी दिए जाते हैं। ये भी दिन के 8 भागों में से एक-एक भाग हैं। यमगंड को भी शुभ कार्यों के लिए टाला जाता है, जबकि गुलिक काल में शुरू किया गया काम दोहराया जाता है, ऐसी मान्यता है। इसलिए शुभ काम के लिए राहुकाल और यमगंड दोनों से बचना और अभिजित मुहूर्त या शुभ चौघड़िया चुनना बेहतर माना जाता है। पंचांग के सभी अंगों को समझने के लिए पढ़ें: आज का पंचांग कैसे पढ़ें।
क्या राहुकाल रात में भी होता है?
परंपरागत रूप से राहुकाल केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) के लिए निकाला जाता है। कुछ पंचांग रात्रि के लिए भी गणना देते हैं, पर आम उपयोग में दिन का राहुकाल ही देखा जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राहुकाल आज कितने बजे है?
यह आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर है। ऊपर की तालिका से वार का भाग देखें, या सटीक समय द्रिक पंचांग और Tithiguru ऐप पर देखें।
राहुकाल कितनी देर का होता है?
दिनमान का आठवां हिस्सा, यानी आम तौर पर लगभग 1 घंटा 15 मिनट से 1 घंटा 45 मिनट, मौसम के अनुसार।
क्या राहुकाल में पूजा कर सकते हैं?
हाँ, नित्य पूजा और राहु शांति, दुर्गा या हनुमान उपासना की जा सकती है। केवल नए शुभ संस्कार या संकल्प की शुरुआत टाली जाती है।
सबसे लंबा राहुकाल किस मौसम में होता है?
गर्मियों में दिन लंबे होने से राहुकाल भी लंबा होता है, और सर्दियों में छोटा।
अगर राहुकाल में ज़रूरी काम शुरू करना पड़े तो?
मान्यता है कि अपने इष्ट देव का स्मरण कर, "ॐ रां राहवे नमः" का जप करके काम शुरू किया जा सकता है। ज़रूरी काम केवल डर के कारण न टालें।
English Summary
Rahu Kaal today is a roughly 90-minute window each day, ruled by the shadow planet Rahu, during which Hindu tradition advises against starting auspicious work such as new ventures, purchases, travel or ceremonies. It is calculated by dividing the time between local sunrise and sunset into eight parts: Monday takes the 2nd part, Saturday the 3rd, Friday the 4th, Wednesday the 5th, Thursday the 6th, Tuesday the 7th and Sunday the 8th. Ongoing work, daily prayers and Rahu mantra chanting are fine. Check your city's exact timing on Drik Panchang or the Tithiguru app.